Taday in history 4 October 2018

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Today in history 4 अक्टूबर 1884

Ram chander sukal
रामचंद्र शुक्ल
हिंदी के प्रमुख साहित्यकार रामचंद्र शुक्ल का जन्म आज के दिन 1884 में हुआ था उन्हें आचार्य शुक्ल के नाम से भी जाना जाता था कम संसाधनों के बावजूद उन्होंने हिंदी साहित्य के इतिहास को सूचीबद्ध किया था उन्होंने छठी शताब्दी में हिंदी कविताओं के जन्म और उनके विकास में अमीर खुसरू , कबीर और तुलसीदास के योगदान से लेकर निराला और प्रेमचंद के साहित्य का पूरा विवरण लिखा | साहित्य और लेखक होने के साथ-साथ आचार्य शुक्ल ने कई विश्व प्रसिद्ध लेखकों की रचना का हिंदी भाषा में अनुवाद भी किया था |

Today in history  4 अक्टूबर 1931

World animal day 4  October
आज वर्ल्ड एनिमल डे पशुओं के अधिकार के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इस दिन की शुरुआत 1931 में इटली के फ्लोरेंस शहर में हुई थी आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इंसान हर साल पूरी दुनिया में 56 अरब से ज्यादा जानवर मार दिये जाते है यानी हर सेकंड में 3000 से ज्यादा पशु मार दिए जाते हैं वर्ष 1970 से 2010 के बीच दुनिया भर में पक्षियों देने वाले जंतुओं और मछलियों और दूसरे जानवरों की तादाद 50% घट गई है जबकि जानवरों से जुड़े गैरकानूनी कारोबार डेढ़ सौ billion-dollar यानी 976000 करोड रुपए प्रति वर्ष से ज्यादा का हो चुका है |


Today in history 4 अक्टूबर 1977

Atal bihari vajpeyi
अटल बिहारी वाजपेई
आज ही के दिन 1977 में भारत के तत्कालीन विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को हिंदी में संबोधित किया |  हिंदी में दिया गया यह पहला संबोधन था |


Today in history 4 अक्टूबर 2014

A. Nageswar rao
ए . नागेश्वर राव
आज ही के दिन 2014 में भारतीय फिल्म निर्देशक एवं निर्माता  ए . नागेश्वर राव का निधन हुआ | यह नागेश्वर राव का पूरा नाम  अक्कीनेनी नागेश्वर राव है इन्हें कला क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा दूसरा सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान पद्म विभूषण और 1990 में भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया |


Taday in history 4 October 2018 Taday in history 4 October 2018 Reviewed by Sibeem on October 04, 2018 Rating: 5

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